Lightbulb Acute Cholecystitis एक्यूट कोलेसिस्टाइटिस
Posted by: Devashish - 06-29-2018, 08:49 PM - Forum: स्वाथ्य विज्ञान Health Science - No Replies

Acute Cholecystitis एक्यूट कोलेसिस्टाइटिस


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  Kashmir- Present Status, Real History कश्मीर वर्तमान स्थिति व वास्तविक इतिहास
Posted by: Devashish - 06-29-2018, 05:24 PM - Forum: राजनीति, वर्तमान घटनाक्रम व अनिर्धारित श्रेणी Politics, Current Affairs & Uncategorised Section - No Replies

The video describes political situation in Kashmir, its causes, current status, political plight of India, its issues and need to take effective actions with due vigilance. It also alerts about the drain of meritorious students from India, further dividing caste-lines, communist-islamists nexus and their agenda of breaking India and killing the Greatest Civilisation on Earth. 

प्रस्तुत चलचित्र कश्मीर में वर्तमान राजनैतिक परिस्थिति, अमरनाथ यात्रा और भारतीय राजनीति की अभी की चुनौतियों, उनके निवारण हेतु लिए जाने वाले आवश्यक कदमों व भारत में अन्याय के कारण बाहर जा रहे गुणवान विद्यार्थियों की ओर घ्यान आकृष्ट करता है, और बतलाता है कि ऐसी परिस्थितियाँ राष्ट्र में जातीय वैमनस्य बढ़ा कर, विकृत साम्यवादी (कम्युनिस्ट) और इस्लामिक शक्तियों की मिली भगत को बढ़ावा देकर हमारे प्रिय राष्ट्र को भंग करने के उनके कुत्सित प्रयासों को सहायता दे सकती हैं. अतः राष्ट्रप्रेमी जनों को एकत्र हो इस सम्बन्ध में जागरूक रहकर देशसेवा में ध्यान लगाना चाहिए.




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  Achalasia Cardia अकेलेसिया कार्डिया
Posted by: Devashish - 06-27-2018, 02:04 PM - Forum: स्वाथ्य विज्ञान Health Science - No Replies

Ahalasia Cardia- Medical educational video. Definition, symptoms, signs, diagnosis and treatment.
अकेलेसिया कार्डिया- चिकित्सा-शास्त्र सम्बंधित चलचित्र. परिभाषा, लक्षण, निदान एवं उपचार.



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  ek kavita एक कविता
Posted by: BeM - 06-26-2018, 02:34 PM - Forum: कला, पर्यटन, रोचक तथ्य व सूचनाएँ Arts, Travel, Interesting Facts & Information - No Replies

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*:::बहुत सुंदर मार्मिक ह्रदयस्पर्शी कविता:::*

*।। कोई अर्थ नहीं।।*


नित जीवन के संघर्षों से
जब टूट चुका हो अन्तर्मन,
तब सुख के मिले समन्दर का
*रह जाता कोई अर्थ नहीं*।।

     जब फसल सूख कर जल के बिन
     तिनका -तिनका बन गिर जाये,
     फिर होने वाली वर्षा का
     *रह जाता कोई अर्थ नहीं।।*

सम्बन्ध कोई भी हों लेकिन
यदि दुःख में साथ न दें अपना,
फिर सुख में उन सम्बन्धों का
*रह जाता कोई अर्थ नहीं।।*

     छोटी-छोटी खुशियों के क्षण
     निकले जाते हैं रोज़ जहाँ,
     फिर सुख की नित्य प्रतीक्षा का
     *रह जाता कोई अर्थ नहीं।।*

मन कटुवाणी से आहत हो
भीतर तक छलनी हो जाये,
फिर बाद कहे प्रिय वचनों का
*रह जाता कोई अर्थ नहीं।।*

     सुख-साधन चाहे जितने हों
     पर काया रोगों का घर हो,
     फिर उन अगनित सुविधाओं का
     *रह जाता कोई अर्थ नहीं।।*

*~~राष्ट्रकवि श्री रामधारी सिंह दिनकर*
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Lightbulb Bhaarat Maata: Concept and Relevance भारत माता- अवधारणा व प्रासंगिकता
Posted by: Devashish - 06-23-2018, 08:50 PM - Forum: राजनीति, वर्तमान घटनाक्रम व अनिर्धारित श्रेणी Politics, Current Affairs & Uncategorised Section - No Replies

In the densely connected world, where political science jostles to define various forms of polities and political concepts, as always, the Indians for time immemorial,  have been preserving the essence of “Vasudhaiv Kutumbkam” (The world is one family), in the form of the Mother Goddess “Bhaarat Maa” “भारत माँ”. In the world torn apart by war and misery, such a philosophical polity may direct the humanity to peace and prosperity. With the aim of the same, I am trying my bit to spread the idea while alarming Indians not to lose their spiritual heritage rather try preserve and enhance it while sharing it with everyone else. 

          संघनित जुड़े हुए संसार में, जहाँ राजनीती-शास्त्र भाँति-भाँति की राजनीतियों एवं राजनैतिक अवधारणाओं को परिभाषित करने हेतु संघर्षरत है, वहीं सदैव की भाँति भारतवासी अनंतकाल से वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना को समाये, भारत माँ को पूजते और सहेजे हुए हैं. कदाचित् हिंसा व दुःख से अटे पड़े इस विश्व को, ऐसे राजनैतिक दर्शन की अवधारणा, शान्ति और समृद्धि की ओर ले जाये, और साथ ही साथ, चेताते हुए निवेदन कि भारतवासी भी अपनी आध्यात्मिक सम्पदा को सहेजें एवं उसका आगे विकास कर अन्यों के साथ भी साझा करें, ऐसे विश्वास को लेकर, यह चलचित्र मेरा सूक्ष्म प्रयास है.



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  Republic TV Exposes Truth Behind Biased UN Report On Kashmir संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार सभा के अधिकारी पाकिस्तानी ISI और इस्लामिक आतंकवादियों से मिले हुए!
Posted by: Devashish - 06-21-2018, 10:09 AM - Forum: राजनीति, वर्तमान घटनाक्रम व अनिर्धारित श्रेणी Politics, Current Affairs & Uncategorised Section - No Replies

संयुक्त राष्ट्र एवं इस जैसी अन्य संस्थाओं की वास्तविकता पहचानें. Recognise the reality of United Nations and similar organisations.


 

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Bug Havan ka mahatv हवन का महत्त्व
Posted by: BeM - 06-20-2018, 11:25 PM - Forum: कला, पर्यटन, रोचक तथ्य व सूचनाएँ Arts, Travel, Interesting Facts & Information - No Replies

? *हवन का महत्व* ?
_____________________
फ़्रांस के ट्रेले नामक वैज्ञानिक ने हवन पर रिसर्च की। जिसमें उन्हें पता चला की हवन मुख्यतः ?

आम की लकड़ी पर किया जाता है। जब आम की लकड़ी जलती है तो फ़ॉर्मिक एल्डिहाइड नामक गैस उत्पन्न होती है।जो कि खतरनाक बैक्टीरिया और जीवाणुओं को मारती है ।तथा वातावरण को शुद्द करती है। इस रिसर्च के बाद ही वैज्ञानिकों को इस गैस और इसे बनाने का तरीका पता चला।
गुड़ को जलाने पर भी ये गैस उत्पन्न होती है।
टौटीक नामक वैज्ञानिक ने हवन पर की गयी अपनी रिसर्च में ये पाया की यदि आधे घंटे हवन में बैठा जाये अथवा हवन के धुएं से शरीर का सम्पर्क हो तो टाइफाइड जैसे खतरनाक रोग फ़ैलाने वाले जीवाणु भी मर जाते हैं और शरीर शुद्ध हो जाता है।
हवन की महत्ता देखते हुए राष्ट्रीय वनस्पति अनुसन्धान संस्थान लखनऊ के वैज्ञानिकों ने भी इस पर एक रिसर्च की । क्या वाकई हवन से वातावरण शुद्द होता है और जीवाणु नाश होता है ?अथवा नही ? उन्होंने ग्रंथों  में वर्णिंत हवन सामग्री जुटाई और जलाने पर पाया कि ये विषाणु नाश करती है। फिर उन्होंने विभिन्न प्रकार के धुएं पर भी काम किया और देखा कि सिर्फ आम की लकड़ी १ किलो जलाने से हवा में मौजूद विषाणु बहुत कम नहीं हुए । पर जैसे ही उसके ऊपर आधा किलो हवन सामग्री डाल कर जलायी गयी तो एक घंटे के भीतर ही कक्ष में मौजूद बैक्टीरिया का स्तर ९४ % कम हो गया।
यही नहीं  उन्होंने आगे भी कक्ष की हवा में मौजुद जीवाणुओ का परीक्षण किया और पाया कि कक्ष के दरवाज़े खोले जाने और सारा धुआं निकल जाने के २४ घंटे बाद भी जीवाणुओं का स्तर सामान्य से ९६ प्रतिशत कम था। बार-बार परीक्षण करने पर ज्ञात हुआ कि इस एक बार के धुएं का असर एक माह तक रहा और उस कक्ष की वायु में विषाणु स्तर 30 दिन बाद भी सामान्य से बहुत कम था।
यह रिपोर्ट एथ्नोफार्माकोलोजी के शोध पत्र (resarch journal of Ethnopharmacology 2007) में भी दिसंबर २००७ में छप चुकी है। रिपोर्ट में लिखा गया कि हवन के द्वारा न सिर्फ मनुष्य बल्कि वनस्पतियों एवं फसलों को नुकसान पहुचाने वाले बैक्टीरिया का भी नाश होता है। जिससे फसलों में रासायनिक खाद का प्रयोग कम हो सकता है ।
?अगर चाहें तो अपने परिजनों को इस जानकारी से अवगत कराए । भगवान सभी परिजनों को सुरक्षा एवं समृद्धि  प्रदान करें ।
?????
सबका जीवन मंगलमय हो।

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Bug Havan ka mahatv हवन का महत्त्व
Posted by: BeM - 06-20-2018, 11:23 PM - Forum: कला, पर्यटन, रोचक तथ्य व सूचनाएँ Arts, Travel, Interesting Facts & Information - No Replies

? *हवन का महत्व* ?
_____________________
फ़्रांस के ट्रेले नामक वैज्ञानिक ने हवन पर रिसर्च की। जिसमें उन्हें पता चला की हवन मुख्यतः ?

आम की लकड़ी पर किया जाता है। जब आम की लकड़ी जलती है तो फ़ॉर्मिक एल्डिहाइड नामक गैस उत्पन्न होती है।जो कि खतरनाक बैक्टीरिया और जीवाणुओं को मारती है ।तथा वातावरण को शुद्द करती है। इस रिसर्च के बाद ही वैज्ञानिकों को इस गैस और इसे बनाने का तरीका पता चला।
गुड़ को जलाने पर भी ये गैस उत्पन्न होती है।
टौटीक नामक वैज्ञानिक ने हवन पर की गयी अपनी रिसर्च में ये पाया की यदि आधे घंटे हवन में बैठा जाये अथवा हवन के धुएं से शरीर का सम्पर्क हो तो टाइफाइड जैसे खतरनाक रोग फ़ैलाने वाले जीवाणु भी मर जाते हैं और शरीर शुद्ध हो जाता है।
हवन की महत्ता देखते हुए राष्ट्रीय वनस्पति अनुसन्धान संस्थान लखनऊ के वैज्ञानिकों ने भी इस पर एक रिसर्च की । क्या वाकई हवन से वातावरण शुद्द होता है और जीवाणु नाश होता है ?अथवा नही ? उन्होंने ग्रंथों  में वर्णिंत हवन सामग्री जुटाई और जलाने पर पाया कि ये विषाणु नाश करती है। फिर उन्होंने विभिन्न प्रकार के धुएं पर भी काम किया और देखा कि सिर्फ आम की लकड़ी १ किलो जलाने से हवा में मौजूद विषाणु बहुत कम नहीं हुए । पर जैसे ही उसके ऊपर आधा किलो हवन सामग्री डाल कर जलायी गयी तो एक घंटे के भीतर ही कक्ष में मौजूद बैक्टीरिया का स्तर ९४ % कम हो गया।
यही नहीं  उन्होंने आगे भी कक्ष की हवा में मौजुद जीवाणुओ का परीक्षण किया और पाया कि कक्ष के दरवाज़े खोले जाने और सारा धुआं निकल जाने के २४ घंटे बाद भी जीवाणुओं का स्तर सामान्य से ९६ प्रतिशत कम था। बार-बार परीक्षण करने पर ज्ञात हुआ कि इस एक बार के धुएं का असर एक माह तक रहा और उस कक्ष की वायु में विषाणु स्तर 30 दिन बाद भी सामान्य से बहुत कम था।
यह रिपोर्ट एथ्नोफार्माकोलोजी के शोध पत्र (resarch journal of Ethnopharmacology 2007) में भी दिसंबर २००७ में छप चुकी है। रिपोर्ट में लिखा गया कि हवन के द्वारा न सिर्फ मनुष्य बल्कि वनस्पतियों एवं फसलों को नुकसान पहुचाने वाले बैक्टीरिया का भी नाश होता है। जिससे फसलों में रासायनिक खाद का प्रयोग कम हो सकता है ।
?अगर चाहें तो अपने परिजनों को इस जानकारी से अवगत कराए । भगवान सभी परिजनों को सुरक्षा एवं समृद्धि  प्रदान करें ।
?????
सबका जीवन मंगलमय हो।

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Exclamation Trump’s USA- A country for White Christians ONLY! ट्रम्प का यू. एस. ए. केवल श्वेत ईसाइयों के लिए!
Posted by: Devashish - 06-20-2018, 11:58 AM - Forum: राजनीति, वर्तमान घटनाक्रम व अनिर्धारित श्रेणी Politics, Current Affairs & Uncategorised Section - No Replies

              On the name of cracking down on so called ‘illegal immigration’, USA and its racially prejudiced government is making sure that ONLY white Christians are welcome and others are thrown out. Babies, little girls, old and sick, all of such ‘illegal entrants’ are being kept in makeshift jails. Many are missing now, with the bigoted and stern line taken by USA government, their fate can reasonably be considered as fatal. For legal migration, people apart from white Christians, have to face ridiculously difficult rules, fulfilling which in practice is ‘legally’ impossible.

              Even the professionals, who because of their extra-ordinary skill-sets and USA’s requirement for them, thus getting entry, face racial discrimination and most of them have to ultimately convert to Christianity if they wish to have any growth in their career or in case they aspire to hold high ranking positions. The reason behind many moderates also drifting towards such a regime in 2016 presidential election seems to be the corrupt Democratic Party, who got infiltrated and deeply entrenched by muslim fanatics and ‘far leftists’. In the end, public left with no choice but to elect someone with a less than honest credentials.   
              The population density of USA is quite less as compared to many countries around the world. They have plenty of resources and the original inhabitants of the land are already eliminated or subverted by the white Christians. Then why others are not allowed to reap benefit of that land and resources, who wish to go there and lead life abiding by the law of the land governed by constitution? That land does not belong to white Christians only or to their colored stooges! The entire world must take acknowledgement of it and make sure that injustice in USA is stopped. Illegal immigration is never supported but on the name of it, they can’t be allowed to make a white Christian ONLY zone. Their public needs to intervene in making sure that legal immigration rules are practical and honestly crafted without taking any racial prejudice into account. USA ought to share its resources with the entire world, that is a land of new world and belongs to everyone on the planet, else hand it over back to the native Americans and let them formulate their own constitution and nation and others be kicked out as “illegal immigrants/occupiers!”   

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  ek seekh एक सीख
Posted by: BeM - 06-18-2018, 11:28 PM - Forum: कला, पर्यटन, रोचक तथ्य व सूचनाएँ Arts, Travel, Interesting Facts & Information - No Replies

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 ?radhey radhey?

*एक व्यक्ति ने भगवान से पूछा,,*
    *तुझे कैसे रिझाऊं मैं*
*कोई वस्तु नहीं ऐसी जिसे तुझ पर चढाऊं मैं* ...!!*
 *भगवान ने उत्तर दिया"*
*.संसार की हर वस्तु तुझे मैनें ही दी है।।*
      *""...तेरे पास अपना सिर्फ तेरा "अहंकार" है,,*
*"...जो मैनें नहीं दिया..""*

 *.उसी को तु मुझे "अर्पण" कर दे*

 *तेरा जीवन सफल हो जाएगा*

     *?सुप्रभात?*

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