Thread Rating:
  • 0 Vote(s) - 0 Average
  • 1
  • 2
  • 3
  • 4
  • 5
[-]
प्रायोजक Sponsors

ek kavita एक कविता
#1
?
*:::बहुत सुंदर मार्मिक ह्रदयस्पर्शी कविता:::*

*।। कोई अर्थ नहीं।।*


नित जीवन के संघर्षों से
जब टूट चुका हो अन्तर्मन,
तब सुख के मिले समन्दर का
*रह जाता कोई अर्थ नहीं*।।

     जब फसल सूख कर जल के बिन
     तिनका -तिनका बन गिर जाये,
     फिर होने वाली वर्षा का
     *रह जाता कोई अर्थ नहीं।।*

सम्बन्ध कोई भी हों लेकिन
यदि दुःख में साथ न दें अपना,
फिर सुख में उन सम्बन्धों का
*रह जाता कोई अर्थ नहीं।।*

     छोटी-छोटी खुशियों के क्षण
     निकले जाते हैं रोज़ जहाँ,
     फिर सुख की नित्य प्रतीक्षा का
     *रह जाता कोई अर्थ नहीं।।*

मन कटुवाणी से आहत हो
भीतर तक छलनी हो जाये,
फिर बाद कहे प्रिय वचनों का
*रह जाता कोई अर्थ नहीं।।*

     सुख-साधन चाहे जितने हों
     पर काया रोगों का घर हो,
     फिर उन अगनित सुविधाओं का
     *रह जाता कोई अर्थ नहीं।।*

*~~राष्ट्रकवि श्री रामधारी सिंह दिनकर*
?
Reply


Forum Jump:


Users browsing this thread: 1 Guest(s)
[-]
नूतन सामग्री Recent Stuff
sahanshakti
Last Post: BeM
08-22-2018 03:22 PM
» Replies: 0
» Views: 127
मुत्तहिदा कौमी मूवमेंट पाकिस्तान MQM pak...
Last Post: Devashish
07-24-2018 09:46 AM
» Replies: 0
» Views: 68
Acute Cholecystitis एक्यूट कोलेसिस्टाइटि...
Last Post: Devashish
06-29-2018 08:49 PM
» Replies: 0
» Views: 163
Kashmir- Present Status, Real History कश...
Last Post: Devashish
06-29-2018 05:24 PM
» Replies: 0
» Views: 118
Achalasia Cardia अकेलेसिया कार्डिया
Last Post: Devashish
06-27-2018 02:04 PM
» Replies: 0
» Views: 137
ek kavita एक कविता
Last Post: BeM
06-26-2018 02:34 PM
» Replies: 0
» Views: 206
Bhaarat Maata: Concept and Relevance भार...
Last Post: Devashish
06-23-2018 08:50 PM
» Replies: 0
» Views: 163